संघ प्रमुख Mohan Bhagwat पर सुरक्षा खर्च का मामला
हाई कोर्ट ने याचिका की खारिज कहा – “कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग
क्या था मामला?
संघ प्रमुख को दी जा रही Z+ सुरक्षा का खर्च उनसे वसूलने की मांग की गई थी।
किसने दायर की याचिका?
सामाजिक कार्यकर्ता ललन किशोर सिंह ने जनहित याचिका (PIL) दायर की थी।
याचिका में क्या मांग थी?
कहा गया कि सुरक्षा का खर्च सरकारी खजाने पर बोझ है, इसलिए इसे स्वयं मोहन भागवत या संगठन से वसूला जाए।
कोर्ट की सुनवाई
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट का बड़ा बयान
हाई कोर्ट ने कहा कि इस याचिका में कोई वास्तविक जनहित नहीं है।
याचिका पर टिप्पणी
कोर्ट ने इसे “प्रेरित याचिका” और “कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग” बताया।
अधूरी जानकारी का मुद्दा
न्यायालय ने कहा कि याचिका अधूरी जानकारी पर आधारित है।
याचिकाकर्ता की दलील
करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग रोकने और राशि सरकारी खजाने में जमा कराने की मांग की गई थी।
अंतिम फैसला
हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और मामले को यहीं समाप्त कर दिया।